श्री दिगंबर जैन अयोध्या तीर्थ क्षेत्र कमेटी, अयोध्या
दर्शन/बुकिंग सहायता: +91-8005191351
अयोध्या जैन तीर्थ लोगो

भगवान भरत-बाहुबली टोंक

यह पावन तीर्थ स्थल श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, पूजा और साधना का केंद्र है।

भगवान भरत-बाहुबली टोंक

आध्यात्मिक अनुभव और यात्रा मार्गदर्शन

"अयोध्या में अशर्फी भवन के निकट भगवान अभिनंदननाथ जन्मभूमि टोंक पर पानी की टंकी के ऊपर साइड में श्री भरत बाहुबली मन्दिर है" इसी अभिनंदननाथ टोंक के निकट अयोध्या में जन्मे भगवान ऋषभदेव के पुत्र चक्रवर्ती भरत और कामदेव बाहुबली की प्रतिमा और चरण समन्वित भरत-बाहुबली टोंक है, जिसका निर्माण स्व. श्री राजकुमार-शांतिदेवी जैन, डालीगंज-लखनऊ परिवार द्वारा कराया गया।

"सन् 2013 में भगवान भरत-बाहुबली जन्मभूमि टोंक पर भव्य जिनमंदिर का निर्माण सम्पन्न हुआ। पुनः सन् 2014 में पूज्य माताजी के सान्निध्य में हस्तिनापुर में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सम्पन्न होने के उपरांत प्रतिमा जी को अयोध्या में विराजमान किया गया।

दर्शन समय

  • सुबह: 5:30 AM से 12:00 PM
  • शाम: 4:00 PM से 7:30 PM
  • विशेष आरती: सूचना अनुसार

पूजन समय

  • मुख्य पूजन: 8:00 AM से 11:30 AM
  • सामूहिक पूजन: पर्वकाल में
  • विशेष पूजन: अग्रिम अनुमति

How To Reach | कैसे पहुंचे

अयोध्या पहुंचने के लिए आप सड़क , रेल और वायु मार्ग से आ सकते है। अयोध्या में गंतव्य से मुख्य स्थान की दूरी निम्न प्रकार से है -

  • महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एअरपोर्ट अयोध्या धामपुर (10 KM )
  • अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन (1 KM )
  • अयोध्या केंट रेलवे स्टेशन (8 KM )
  • अयोध्या धाम राजकीय बस स्टेशन (8.5 KM )

यात्री सुविधा के अनुरूप यहाँ पहुंच कर भगवान ऋषभदेव जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र रायगंज, बड़ी मूर्ति मंदिर पहुंच सकते है , यहाँ से अन्य जन्मभूमि के दर्शन की व्यवस्था की जा सकती है

History | इतिहास

कटरा मोहल्ले में ही भगवान अभिनंदननाथ के जन्मस्थान के प्रतीकरूप में टोंक है जो शिखरबंद है, इसमें भी भगवान के चरण स्थापित हैं। इसका जीर्णोद्धार भी सन् 1724 व सन् 1899 में हुआ था। वर्तमान में यह टोंक पुनः जीर्ण-शीर्ण हो गई थी, जिसका जीर्णोद्धार गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी की पावन प्रेरणा से सन् 2014 में किया गया। यहाँ पर विशाल जिनमंदिर का निर्माण करके मंदिर जी की सुन्दर वेदी पर सवा 5 फुट ऊँची श्वेतवर्णी भगवान अभिनंदननाथ की प्रतिमा विराजमान की गई है। शिखर व कलश से सहित इस जिनमंदिर का निर्माण व जिनप्रतिमा की स्थापना तथा भव्य स्तर पर इस मंदिर का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मगसिर शु. षष्ठी से दशमी अर्थात् दिनाँक 27 नवम्बर से 1 दिसम्बर 2014 तक महमूदाबाद (सीतापुर) उ.प्र. के श्री कोमलचंद जैन परिवार के द्वारा सम्पन्न कराया गया।

How I Support | सहयोग कैसे करें

  • तीर्थ विकास कोष में दान
  • भोजनशाला सेवा सहयोग
  • स्वयंसेवक सहभागिता
प्रवेश
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Map | नक्शा