श्री दिगंबर जैन अयोध्या तीर्थ क्षेत्र कमेटी, अयोध्या
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अयोध्या जैन तीर्थ लोगो

लिरिक्स

भक्ति गीत, स्तवन और धार्मिक रचनाओं के लिरिक्स यहां पढ़ें।

अयोध्या तीर्थ वन्दना

अयोध्या तीर्थ वन्दना   -प्रज्ञाश्रमणी आर्यिकारत्न श्री चंदनामती माताजी   शाश्वत श्री तीर्थ अयोध्या पहला, तीर्थ कहा जिनशासन में। तीर्थंकर प्रभु जिनराज अनंता-नंत जहाँ पर हैं जनमे...

श्री भरत स्वामी की मंगल आरती

श्री भरत स्वामी की मंगल आरती   श्री भरत प्रभू की आरती उतारो मिलके, उतारो मिलके, सभी उतारो मिलके ।। टेक. ।।   प्रथम चक्रवर्ती इस युग के, पुत्र प्रथम वृषभेश प्रभू के।   उन...

श्री ऋषभदेव के १०१ पुत्र-सिद्धपरमेष्ठी की मंगल आरती

श्री ऋषभदेव के १०१ पुत्र-सिद्धपरमेष्ठी की मंगल आरती   तर्ज-माई रे माई..   ऋषभदेव के पुत्र एक सौ, एक सिद्ध भगवन हैं। इनकी मंगल आरति से, हो जाते नष्ट विघन हैं।।   बालो जय...

तीन लोक रचना की आरती

तीन लोक रचना की आरती   तर्ज-तन डोले....... (नागिन धुन)   जय तीन लोक के जिनबिम्बों की मंगल दीपप्रजाल के, मैं आज उतारूँ आरतिया।।   जिनबिम्बों के दर्शन से, सम्यग्दर्शन मिल...

तीस चौबीसी तीर्थंकर भगवंतों की आरती

तीस चौबीसी तीर्थंकर भगवंतों की आरती   रचयित्री-आर्यिका चंदनामती माताजी   आरति करो रे, श्री तीस चौबीसी तीर्थंकर की आरति करो रे।। टेक. ।। जम्बूद्वीप के भरतैरावत की त्रय-त्रय चौ...

चौबीस तीर्थंकर वंदना

चौबीस तीर्थंकर वंदना ऋषभदेव से वीर तक, तीर्थंकर चौबीस । नमूँ अनंतों बार मैं, नमूँ नमूँ नत शीश।।1।।   पाँच तीर्थंकर वंदना ऋषभदेव श्री अजितप्रभु,अभिनंदन भगवान । सुमतिनाथ श्री अनंतप्...

श्री ऋषभदेव स्तुति

श्री ऋषभदेव स्तुति   हे आदिनाथ ! हे आदीश्वर ! हे ऋषभ जिनेश्वर ! नाभिललन ! पुरुदेव ! युगादि पुरुष ! ब्रह्मा, विधि और विधाता मुक्तिकरण।। मैं अगणित बार नमूँ तुमको, वन्दूँ ध्याऊँ गुणगान...

ऋषभदेव चालीसा

ऋषभदेव चालीसा   रचयित्री प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती   - दोहा - सिद्धप्रभू को नमन कर, सिद्ध करूँ सब काम। अरिहन्तों के नमन से, पाऊँ आतम धाम ।।।।। पंचकल्याणक से सहित, तीर्थ...

अयोध्या तीर्थ की आरती

अयोध्या तीर्थ की आरती   तर्ज-चांद मेरे आजा रे...................   आरती तीर्थ अयोध्या की-2 तीर्थंकरों की, जन्मभूमि यह, सब मिल करो आरतिया। आरती तीर्थ अयोध्या की ।।टेक.।। &nbs...

भगवान श्री ऋषभदेव की आरती

भगवान श्री ऋषभदेव की आरती   रचयित्री-प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चन्दनामती   तर्ज-जयति जय जय मां सरस्वति....   जयति जय जय आदि जिनवर, जयति जय वृषभेश्वरं। जयति जय घृतदीप भरकर,...

रत्नपुरी तीर्थ की आरती

रत्नपुरी तीर्थ की आरती   तर्ज-यदि भला किसी का...........   तीर्थंकर प्रभु श्री धर्मनाथ की, जन्मभूमि को नमन करें। आरति के माध्यम से आओ, अपने कर्मों का हनन करें।। टेक. ।। पन्द्...

रत्नमयी रत्नपुरी तीर्थधाम है। धर्मनाथ जन्मभूमि तीर्थधाम है

भजन   तर्ज-अच्छा सिला दिया..   रत्नमयी रत्नपुरी तीर्थधाम है। धर्मनाथ जन्मभूमि तीर्थधाम है।1।। यहाँ कभी इन्द्र और धनकुबेर आते थे। दिव्यनगरी बना के रत्न बरसाते थे।। मात-पिता...