भजन
रचयित्री प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चन्दनामती
तर्ज-मेरी झोपड़ी के भाग्य...
अयोध्या में ऋषभदेव जी का जन्म हुआ है,
गीत गाएंगे ।।0।।
गीत गाएंगे, प्रभु के गीत गाएंगे-2।। अयोध्या में.......
उनके जन्म में स्वर्गों से इन्द्र आए थे,
दिव्य वस्र व आभूषण संग लाए थे।
प्रभु के जन्म की बधाई सभी मिल के गाएंगे,
गीत गाएंगे ।।1।।
प्रभु का पालना भी स्वर्ग से ही आया था,
शचि इन्द्राणी ने उसको सजाया था।
हम भी जन्म की यादों में पलना झुलाएंगे,
गीत गाएंगे।।2।।
कोई प्लेन से उड़ के, अयोध्या आते हैं,
कोई ट्रेन से अयोध्या चले आते हैं।।
अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया है,
भक्त आएंगे।।2।।
ऋषभदेव अजित अभिनंदन व सुमती,
श्री अनंतनाथ जन्में पाँच प्रभु जी।
"चन्दनामती" सभी को अपने मन में ध्याएंगे,
गीत गाएंगे।
अयोध्या में ऋषभदेव..........।।3।।