भजन
तर्ज-अच्छा सिला दिया.......
विश्व के प्रथम राजा ऋषभदेव हैं,
वे तो सभी देवताओं के भी देव हैं-2।। विश्व के....... ।।0।।
उन्होंने ही जनता को सब कुछ सिखाया था,
राजाओं को उनका राजधर्म भी बताया था।
कर्मभूमि के ये आदिब्रह्मा देव हैं, वे तो सभी देवताओं के भी देव हैं।। विश्व के........।।1।।
भौरा जैसे फूल से पराग चूस लेता है,
किन्तु उसे मुरझाने कभी नहीं देता है।
वैसे ही प्रजा से राजा टैक्स तो लेवे,
किन्तु उसे कभी कष्ट नहीं होने देवे।
यही शिक्षा दी प्रभु ने तभी देव हैं,
वे तो सभी देवताओं के भी देव हैं।। विश्व के....... ।।2।।
ये ही प्रभु हम सभी के पिता और माता हैं।
ये ही तो हैं बंधु और ये ही सखा-भ्राता हैं।।
ये ही धन सम्पत्ती व विद्या के प्रदाता हैं
ये ही तो प्रभो! मेरे जीवन के प्रदाता हैं।।
"चन्दनामती" अयोध्या के ये देव हैं,
ये तो सभी देवताओं के ही देव हैं।। विश्व के........।।3।।